दिल्ली में अप्रैल महीने में आग लगने की घटनाओं में मार्च के मुकाबले 73% की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि जनवरी से अप्रैल के बीच 32 लोगों की मौत हुई है। बढ़ते तापमान और कूड़े में आग की घटनाओं को इसकी वजह माना जा रहा है, हालांकि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से सैकड़ों लोगों की जान भी बचाई गई।

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) की ‘कॉल समरी 2026’ के अनुसार, सिर्फ अप्रैल में आग लगने से संबंधित 2,663 कॉल आईं, जो मार्च की 1538 और फरवरी की 1096 घटनाओं की तुलना में काफी ज्यादा है। जनवरी में आग लगने की सूचना देने वाली 1,396 कॉल आई। साल के शुरुआती चार महीनों में आग लगने की कुल 6693 घटनाएं हुईं।
- आग लगने की घटनाओं, पशुओं को बचाने और अन्य सहायता सहित आपातकालीन कॉलों की कुल संख्या भी अप्रैल में बढ़कर 3,914 हो गई। जनवरी से अप्रैल तक डीएफएस को आईं कॉलों की कुल संख्या 12,008 रही।
- अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल में हुई इस वृद्धि का संबंध बढ़ते तापमान और कूड़े में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि से हो सकता है। आंकड़ों से पता चला है कि कूड़े में आग लगने की घटनाएं जनवरी में 441 से बढ़कर अप्रैल में 725 हो गईं।
- हताहतों की संख्या के संदर्भ में, मार्च में आग लगने की घटनाओं के कारण सबसे अधिक 15 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद जनवरी और फरवरी में छह-छह और अप्रैल में पांच मौतें हुईं।
कम से कम 10 लोगों की मौत
मई में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें दो परिवारों के नौ लोगों की मौत हो गई। माना जा रहा है कि एयर कंडीशनर के फटने से आग लगी। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान सभी आपातकालीन श्रेणियों में कुल मौतों की संख्या 428 रही। आग लगने की घटनाओं के बढ़ने के बावजूद, कर्मियों की त्वारित कार्रवाई से 837 लोगों की जान बचाई जा सकी। सिर्फ अप्रैल में ही 261 लोगों को बचाया गया।

