राजधानी दिल्ली में बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रखे गए घरेलू सहायकों और कर्मचारियों द्वारा चोरी व डकैती की वारदातों में भारी इजाफा देखा जा रहा है।

बीते 8 महीनों में दर्ज हुए 62 मामले
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि इस तरह के अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस साल के शुरुआती 8 महीनों में कर्मचारियों से जुड़ी चोरी के 62 मामले दर्ज किए गए और 69 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
2025 में सामने आए कितने मामले
वहीं, साल 2025 में पुलिस ने 111 मामले दर्ज कर 139 गिरफ्तारियां की थीं। इस तरह 18 महीनों के भीतर कुल 173 मामलों में 208 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि आर्थिक तंगी, बढ़ता कर्ज या आलीशान जीवन की चाहत के कारण ये लोग अपराध की राह चुनते हैं।
ऐसे भी सामने आए कई मामले
कई मामलों में संगठित गिरोह फर्जी दस्तावेजों या सिफारिशों के जरिए अपने सदस्यों को घरेलू सहायक के रूप में रखवाते हैं। इसके बाद वे घर की पूरी रेकी कर और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी अपने साथियों को देकर चोरी या डकैती की योजना को अंजाम देते हैं।
पिछले दिनों चर्चा में रहे ये केस
जखीरा फ्लाईओवर के पास एक कैश कलेक्शन कर्मचारी ने अपने मालिक के 30 लाख रुपये हड़पने के लिए खुद पर रेजर से हमला कर लूट की एक झूठी कहानी रची थी, जिसे पुलिस ने तकनीक और सीसीटीवी की मदद से बेनकाब कर दिया।
लुटियंस दिल्ली से सामने आया चौंकाने वाला मामला
लुटियंस दिल्ली के पोश इलाके गोल्फ लिंक्स में एक कारोबारी के घर डकैती की बड़ी वारदात हुई, जहां महज एक हफ्ते पहले बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रखे गए एक घरेलू सहायक ने हथियारबंद गिरोह के लिए दरवाजा खोल दिया था। नकाबपोश बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर करीब 25-30 लाख रुपये के गहने और नकदी लूट लिए थे।
मामले में क्या है पुलिस का कहना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन न होने के कारण उनके आपराधिक बैकग्राउंड का समय रहते पता नहीं चल पाता है। गिरोह इसी लाचारी का फायदा उठाकर फर्जी पहचान के जरिए घरों में सेंध लगाते हैं। इसे रोकने के लिए पुलिस ने मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू सहायक या कर्मचारी को काम पर रखने से पहले उसका विधिवत बैकग्राउंड चेक जरूर करवाएं। साथ ही, कर्मचारियों के आधार कार्ड, स्थायी पते, पारिवारिक संपर्क और बैंक डिटेल्स जैसी अहम जानकारियां अपने पास सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी आसानी से तलाश की जा सके।
