दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन में रविवार शाम पुराना मकान गिरने से शटरिंग ठेकेदार चंद्रपाल और उनके बेटे विजय कुमार की मौत हो गई। दोनों के शव सोमवार सुबह मलबे से निकाले गए। शुरुआती जांच में पुराने ढांचे पर नया लेंटर डालने की आशंका है। पुलिस लापरवाही से मौत के मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, हादसा रविवार शाम करीब 6:46 बजे ए-6, मिलन गार्डन, हर्ष विहार, सेवाधाम रोड पर हुआ। यहां मनोज कुमार का करीब 200 गज का मकान है। मकान के ग्राउंड फ्लोर का इस्तेमाल गोदाम के तौर पर किया जा रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि मनोज कुमार मकान का निर्माण करवा रहे थे। शटरिंग के काम के लिए उन्होंने हर्ष विहार के चंद्रपाल और उनके बेटे से संपर्क किया था। रविवार सुबह पहली मंजिल का लेंटर डालने का काम शुरू हुआ, जो शाम करीब 5 बजे पूरा हुआ। मजदूरों के जाने के कुछ ही देर बाद मकान गिर गया। उस वक्त चंद्रपाल और विजय पहली मंजिल पर शटरिंग की जांच कर रहे थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए।
मलबे से सुबह निकाले गए चंद्रपाल और विजय के शव
मकान गिरने की सूचना शाम 6:46 बजे पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। दमकल की दो गाड़ियां, दो एंबुलेंस और क्रेन के अलावा एनडीआरएफ, डीएमआरसी, एमसीडी और सिविल डिफेंस की टीमें भी पहुंचीं। बचाव दल ने मलबा हटाकर तलाश शुरू की। सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे चंद्रपाल का शव मलबे से निकाला गया। 8:35 बजे विजय का शव मिला। दोनों को एंबुलेंस से जीटीबी अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारवालों को सौंप गए।
पुरानी स्ट्रक्चर पर ‘चोरी-छिपे’ डाला जा रहा था लेंटर
हर्ष विहार में जिस मकान में हादसा हुआ, उसका स्ट्रक्चर दो दशकों से भी पुराना है। मकान मालिक लगभग 150 वर्ग गज में बने पुराने स्ट्रक्चर के आधे हिस्से में स्लैब हटाकर उसके ऊपर लेंटर डाल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। पहली मंजिल का मलबा ग्राउंड फ्लोर पर आकर गिरा। लेंटर के बारे में किसी को पता न चले, इसलिए मकान मालिक ने लेंटर डालने में इस्तेमाल होने वाली मशीन को अंदर ही खड़ा किया हुआ था। जिस समय हादसा हुआ दरवाजा अंदर से बंद था। हादसे के बाद जेसीबी मशीन से दरवाजा तोड़कर बचाव कार्य शुरू किया गया।
200 गज के मकान में बदलाव कर अलग किए तीन हिस्से
एमसीडी का कहना है कि मनोज कुमार का सेवाधाम रोड पर मंडोली एक्सटेंशन खसरा नंबर 2/17 में करीब 200 वर्ग गज का मकान है। पिछले कुछ समय से वह मकान में अल्टरेशन करने में लगा हुआ था। उन्होंने तीन अलग-अलग गेट लगाकर 50 वर्ग गज जगह को अलग कर दिया। बाकी बचे हुए 150 वर्ग गज के प्लॉट को अलग कर दिया। इस प्लॉट का ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पत्थरों की स्लैब से बना हुआ था।
बिना पिलर पुरानी दीवारों पर डाला जा रहा था लेंटर, ढहा मकान
मकान मालिक प्लॉट के आधे हिस्से से टी-आयरन और पत्थर की पट्टियों वाली छत को हटाकर उसके ऊपर लेंटर डालने में लगा हुआ था। पहली मंजिल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए पुरानी दीवारों की ऊंचाई भी बढ़ाई गई। रविवार की रात पुरानी दीवारों पर ही बगैर पिलर खड़े किए लेंटर डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया और पहली मंजिल पर काम कर रहा ठेकेदार और उनका बेटा मलबे में दब गए।
बिल्डिंग के अंदर छिपाकर रखा था निर्माण का सामान, बंद मिला मेन गेट
एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग के पिछले वाले हिस्से में एंट्री करने के लिए तीन गेट थे, इनमें से मेन गेट अंदर से बंद था। मौके पर मौजूद बचावकर्मियों ने जेसीबी की मदद से मेन गेट को तोड़ा। बिल्डिंग के बाहर किसी तरह कोई कंस्ट्रक्शन सामग्री नहीं मिली। मकान मालिक ने सब सामान बिल्डिंग के अंदर ही डाला हुआ था। लेंटर डालने में इस्तेमाल होने वाली मशीन भी बिल्डिंग के अंदर ही खड़ी थी। जिससे लेंटर डालने के बारे में किसी को कुछ पता न चले।
- घटना स्थल पर रातभर राहत-बचाव अभियान चलता रहा
- सोमवार दोपहर बाद तक मलबा हटाने का काम जारी रहा
- पुलिस जांच कर रही है कि यहां कंस्ट्रक्शन किस तरह से हो रहा था
पुराने मकान पर नया लेंटर डालने से ढांचे पर पड़ा दबाव?
शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि पुराना मकान नया डाले गए लेंटर का वजन नहीं झेल पाया। मकान गिरने की असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी। पुलिस मकान मालिक से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंस्ट्रक्शन किस तरीके से कराया जा रहा था और हादसे के लिए कोई लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
रातभर डटे रहे, पर सुबह टूट गईं उम्मीदें
- रातभर परिजनों की आंखें घटनास्थल पर डटी रहीं। हर आहट पर उम्मीद जागती कि शायद चंद्रपाल और विजय जिंदा बाहर आ जाएंगे। दोनों के मोबाइल फोन बंद थे या पहुंच से बाहर आ रहे थे, लेकिन परिवार ने हिम्मत नहीं छोड़ी।
- उन्हें क्या पता था कि जिस सुबह का इंतजार वे अपनों को सही-सलामत देखने के लिए कर रहे हैं, वह जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन जाएगी। सोमवार सुबह मलबे से एक-एक कर दोनों के शव निकले तो मौके पर चीख-पुकार मच गई।
AAP ने सरकार को घेरा
बाप-बेटे की मौत के मामले में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार के विभागों के काम करने के तरीकों पर सवाल उठाया है। पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि उगाही के चलते इमारतें गिर रही हैं।
