दिल्ली क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट और IPO निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले तीन बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

अलग अलग पैंतरे अपनाकर लोगों को लगाते थे चूना
तीनों मामलों में पीड़ितों से कुल 1.22 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई थी। पहला मामला लक्ष्मी नगर में रहने वाले एक शख्स से जुड़ा है। आरोपियों ने फर्जी स्टॉक मार्केट और IPO फंडिंग स्कीम के जरिए उससे करीब 46.66 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर खुद को निवेश एक्सपर्ट बताया और भारी मुनाफे का लालच देकर रकम ऐंठ ली।
जांच में आया सामने
जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 6.71 लाख रुपये गुजरात के सूरत स्थित राधे ऑटोमोटिव एंड डिटेलिंग नाम के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में राजेश हाडिया को सूरत से अरेस्ट किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि वह कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराता था। दूसरा मामला डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा है। साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई, ईडी, ट्राई और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक महिला को डराया।
फर्जी सिमों का करता था उपयोग
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े एक आरोपी को गुवाहाटी से गिरफ्तार किया था। आरोपी किसी जुगाड़ से देशभर में करीब 10 हजार सिम कार्ड उपलब्ध कराता था और उन सभी सिमोंं का उपयोग साइबर धोखाधड़ी में करता था।

