दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी 250 वॉर्डों में 1 मई से जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू हो रहा है, जिसमें निवासियों को 15 मई तक ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा मिलेगी।

हर वार्ड में बनाए जाएंगे 150 से 200 ब्लॉक
जनगणना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी के पूरे क्षेत्र को 46 हजार ब्लॉक में बांटकर जनगणना की जा रही है। हर वॉर्ड में 150-250 ब्लॉक बनाए गए हैं। पहले चरण के पहले 15 दिन यानी 1-15 मई के बीच स्व-गणना (self-enumeration) सुविधा मिलेगी। इसके बाद सरकार 250 वॉर्ड में घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग करेगी। अगर किसी ने पहले से सेल्फ एनुमरेशन कराया है तो उसे फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान सिर्फ आईडी नंबर बताना होगा। वर्तमान में एनडीएमसी व दिल्ली कैंट में फील्ड जनगणना का काम चल रहा है।
किरायेदार भी कराएं सेल्फ एनुमरेशन
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना पोर्टल पर लॉगिन करके लगभग 20 मिनट में सेल्फ एनुमरेशन की प्रक्रिया पूरी करें। हर घर के लिए केवल एक लॉगिन पर्याप्त है और परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य मोबाइल नंबर के जरिए यह कर सकता है। पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 33 सवालों का जवाब देना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि घर में रहने वाला व्यक्ति, चाहे वह मालिक हो या किरायेदार, उसे सेल्फ एनुमरेशन करना चाहिए। किरायेदार को अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके उसी घर की जानकारी भरनी होगी, जिसमें वह रह रहा है।
33 सवाल पूछे जाएंगे
पहले चरण में हाउस लिस्टिंग किया जाएगा, जिसमें 33 प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। इस दौरान घर के मुखिया की पहचान, घर में सदस्यों की सख्या, फर्श, दीवार और छत की सामग्री, परिवार प्रमुख की सामाजिक-आर्थिक स्थिति शामिल होगी।
LG-CM आज करेंगे सेल्फ एनुमरेशन
एमसीडी क्षेत्र में जनगणना-2027 के तहत पहले ही दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और एलजी तरनजीत सिंह संधू अपना सेल्फ एनुमरेशन (स्व-गणना) करेंगे। दोनों अपने सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास से यह प्रक्रिया पूरी करेंगे।
गलतियों की संभावना होगी कम
हालाकि, सेल्फ एनुमरेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन अधिक संख्या में लोग इसे करते है तो जनगणना प्रक्रिया आसान और अधिक सटीक होगी। इससे घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने पर निर्भरता कम होने के साथ गलतियां भी कम होगी। अधिकारियों ने बताया कि इस पोर्टल में घरों की जियो टैगिंग जैसी सुविधाएं भी है, जो सटीक मैपिंग और बेहतर योजना बनाने में मदद करती है। यह पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध है।
आप पर असर
केंद्र सरकार ने लबे इंतजार के बाद दिल्ली समेत देशभर में जनगणना की प्रक्रिया शुरू की है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से हो रही है और इसमें केवल लोगों की गिनती ही नहीं, बल्कि घरों से लेकर अन्य सुविधाओं की जानकारी भी ली जा रही है। भविष्य में इस आधार पर सरकार देश के विभिन्न शहरों में विकास का ब्लूप्रिट तैयार करेगी। इससे मिले आकड़ों के आधार पर ही पता चलेगा कि शहर के किस इलाके में आबादी कितनी बढ़ी है और भविष्य में कहां पर कितने नए स्कूल, अस्पताल बनाने की जरूरत है।

