दिल्ली-NCR में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और अगले 10 दिनों तक राहत मिलने के आसार कम हैं। ग्रैप की पाबंदियों के बावजूद 12 में से 10 मामलों में AQI बढ़ने का दावा किया गया है। वहीं, दिवाली पर ग्रीन पटाखों को छूट मिलेगी या रोक जारी रहेगी, इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम (सीपीसीबी) के एयर बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स किया गया। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 मुख्य प्रदूषक रहे। NCR के कई शहरों में भी हवा की क्लॉलिटी खराब रही। नोएडा का AQI 242, गाजियाबाद का 221, ग्रेटर नोएडा का 219 और गुरुग्राम का 193 दर्ज किया गया। डेटा के मुताबिक, NCR के 11 जिलों में हवा खराब, जबकि 16 जगहों पर सामान्य श्रेणी में रही। अनुमान के अनुसार, 23 से 25 अक्टूबर तक दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में रह सकती है। इसके बाद भी अगले 6 दिनों तक हवा की क्वॉलिटी खराब बने रहने की आशंका है।
ग्रैप लगने के बाद भी प्रदूषण कम नहीं हुआ
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में ग्रुप की पाबंदियां लगाई जाती हैं, लेकिन इनसे हवा की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। एक इंडिया विश्लेषण के मुताबिक, जब ग्रैप का तीसरा या चौथा चरण लागू किया गया, तो 12 में से 10 बार अगले 7 दिनों में औसत AQI और बढ़ गया। इससे साफ है कि प्रदूषण बढ़ने के बाद पाबंदियां लगाने के साथ उन कारणों पर भी रोक लगानी होगी, जिनसे हवा खराब होती है।
- यह विश्लेषण अक्टूबर 2022 से फरवरी 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है। इंडिया एयर क्वॉलिटी एंड एनर्जी इंसाइट्स एयर में प्रकाशित यह विश्लेषण एनालिस्ट मनोज कुमार ने किया है।
- विश्लेषण के मुताबिक, 2022-23 की सर्दियों में दिल्ली का औसत AQI 280 था। 2023-24 में 304 हो गया। 2024-25 में 285 रहा। 2025-26 में बढ़कर 295 पर पहुंच गया।
पाबंदियों के बाद भी क्यों बढ़ा प्रदूषण?
विश्लेषण में ग्रैप का तीसरा या चौथा चरण लागू होने से पहले और बाद के 7-7 दिनों के औसत AQI की तुलना की गई। 12 में से 10 मामलो में पाबंदिया लागू होने के बाद प्रदूषण बढ़ा। मनोज के मुताबिक गाड़ियों के धुए, कंस्ट्रक्शन और फैक्ट्रियों के प्रदूषण पर लगातार रोक जरूरी है।
पटाखों पर पूरी तरह रोक या ग्रीन को छूट ?
दिवाली करीब है और दिल्ली में पटाखों को लेकर असमंजस बना हुआ है। दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरे साल रोक लगाई हुई है, लेकिन दशहरे पर जमकर आतिशबाजी हुई। इसके बाद से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया। ऐसे में सवाल है कि क्या इस बार भी ग्रीन पटाखे जलाने की छूट मिलेगी या रोक जारी रहेगी? सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है। पिछले साल कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे जलाने की सीमित छूट दी थी। इस बार भी लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट में 12 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान कहा था कि पटाखों के इस्तेमाल को लेकर ऐसा रास्ता निकालना होगा, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखने के साथ प्रदूषण से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सके।
- लोगों का कहना है कि जब देश के दूसरे हिस्सों में पटाखे जलाए जा रहे हैं, तो दिल्ली-एनसीआर में ही पूरी तरह रोक क्यों है? ऑल द्वारका रेजिडेंट फेडरेशन के अजीत स्वामी के मुताबिक, आतिशबाजी के लिए समय तय हो। सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति मिले।
