दिल्ली सरकार नीति आयोग की तर्ज पर दिल्ली इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन बनाने की तैयारी कर रही है। DITI डेटा और रिसर्च के आधार पर नीतियों पर सुझाव देगा, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाएगा और योजनाओं के असर की समीक्षा करेगा। मुख्यमंत्री गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्ष होंगी।

- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट भाषण के दौरान नीति आयोग की तर्ज पर DITI स्थापित करने की घोषणा की थी।
- अब योजना विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट को मंजूरी के लिए भेज दिया है।
- कैबिनेट प्रस्ताव के दस्तावेजों के मुताबिक इसके गठन का मकसद दिल्ली को समावेशी, इनोवेटिव, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शहर बनाना है।
- इसके लिए डेटा, तकनीक, पॉलिसी रिसर्च और पब्लिक सेंट्रिक इनोवेटिव आइडिया का बेहतर प्रयोग करना होगा।
- यह ‘ विजन दिल्ली 2047 ‘ पर भी सरकार को पब्लिक पॉलिसी, विकास रणनीति और संस्थागत सुधारों पर सलाह देगा।
सीएम होंगी गवर्निंग बोर्ड की चेयरपर्सन
DITI की प्रस्तावित गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगी, जबकि वाइस चेयरपर्सन का नाम सीएम द्वारा नामित किया जाएगा। बोर्ड में कैबिनेट के सभी मंत्री, मुख्य सचिव, DDA के वाइस चेयरमैन, MCD आयुक्त और NDMC चेयरपर्सन सदस्य होंगे। योजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को मेंबर सेक्रेटरी बनाया जाएगा। विशेषज्ञों को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर बुलाया जा सकेगा। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक एग्जीक्यूटिव कमेटी का भी गठन होगा। यह कमेटी गवर्निंग बोर्ड की रणनीति को लेकर विभागों के बीच समन्वय, मॉनिटरिंग-इवैल्यूएशन और इनोवेशन सिस्टम को मजबूत करने पर काम करेगी।
