दिल्ली के साकेत स्थित सैदुलाजाब में शनिवार शाम एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। मलबा पास की कैंटीन पर गिरने से कई लोग दब गए। दमकल, एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने राहत-बचाव अभियान चलाकर 11 लोगों को निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इमारत में मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था।
नई दिल्ली: साकेत इलाके स्थित सैदुलाजाब में शनिवार देर शाम चार मंजिला बिल्डिंग जमींदोज हो गई। लोगों ने मामले की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। इसके बाद खुद ही राहत व बचाव कार्य में जुट गए। पुलिस के अलावा दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, निगम का दस्ता और कैट्स एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए। जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम जारी था। देर रात तक दमकल और एनडीआरएफ की टीम ने 11 लोगों को बाहर निकाल कर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया।
दमकल विभाग के अनुसार ग्राउंड प्लस तीन मंजिला इमारत की तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत का मलबा पास में बनी अस्थायी टीन शेड कैंटीन पर जा गिरा। जहां उस समय कुछ लोग खाना खा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 7:44 बजे बिल्डिंग गिरने की सूचना दमकल विभाग को मिली।
देर रात तक जारी रहा मलबा हटाने का काम
अधिकारियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मलबा हटाने का काम देर रात तक जारी रहा। पुलिस के अलावा दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण पुलिस को बचाव कार्य में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में इमारत के बगल में कैंटीन में दबे चार लोगों को निकालकर अस्पताल भेज दिया गया।
इमारत में चल रहा था मरम्मत का कार्य
लोगों का दावा था इमारत में कुछ दिनों से मरम्मत का काम चल रहा था। बिल्डिंग में कई ऑफिस चलते थे। रात नौ बजे तक दमकल विभाग ने छह लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया था। अभी मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने का दावा किया जा रहा है। इमारत में एक कोचिंग सेंटर व एक फर्म थी।
सीएम रेखा गुप्ता ने घटना पर जताई चिंता
घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी, कैट्स एंबुलेंस सेवा और सिविल डिफेंस की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।
विशेषज्ञता
उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।
पत्रकारिता अनुभव
रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा ‘राशन चोरी’ का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।
शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें