दिल्ली के शाहबाद डेयरी में ई-रिक्शा चालक अभिषेक की चाकू घोंपकर हत्या से इलाके में आक्रोश, इंसाफ की मांग पर सड़क पर उतरे परिजन। सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया, CCTV से मिले अहम सुरागों के आधार पर जांच तेज।

मृतक के पिता शोभाराम प्रजापति ने बताया कि ई-रिक्शा चलाने वाला अभिषेक अपने परिवार का इकलौता सहारा था। प्रजापति ने आरोप लगाया कि चाकू मारे जाने के बाद जमीन पर खून से लथपथ पड़े और तड़प रहे उनके बेटे की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। पिता ने कहा, ‘जब मुझे फोन आया, तो मैंने फोन करने वाले से मेरे बेटे को एक निजी अस्पताल ले जाने की गुजारिश की। मैंने उन्हें पैसे चुकाने का भरोसा भी दिलाया, लेकिन उसे एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई।’
‘वह हमारा इकलौता सहारा था’
उन्होंने बताया कि अभिषेक शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। पीड़ित पिता ने कहा, ‘वह हमारा इकलौता सहारा था।’ घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय निवासियों ने रविवार को एक जगह इकट्ठा होकर अभिषेक के शव को सड़क पर रख दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और इंसाफ की मांग कर रहे थे।
- पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही बाहरी-उत्तर दिल्ली के अपर पुलिस उपायुक्त सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बात की। अधिकारियों द्वारा मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शव को दाह संस्कार के लिए ले जाने पर सहमत हुए।
- अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।अधिकारी ने कहा, ‘मामला दर्ज कर लिया गया है। चाकू लगने के बाद अत्यधिक खून बहने से पीड़ित की मौत हुई है। हमने कई टीमें गठित की हैं और घटना के सीसीटीवी फुटेज हासिल कर लिए हैं। पुलिस टीमों को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’
- पुलिस हत्या की वजह और घटनाओं के सही क्रम का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
