दिल्ली की आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यमुना बाजार में 310 झुग्गियों को खाली करने का नोटिस देकर वहां के नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। इस आदेश में झुग्गियों को खुद तोड़ने का भी आदेश है। यह कार्रवाई डीडीएमए एक्ट 34 के तहत की गई है। इन सभी लोगों को 15 दिनों का समय दिया गया है।

यह क्षेत्र यमुना की फ्लड प्लेन यानी ओ-जोन में आता है। यहां रहने वाले लोगों के जान-माल, पशुधन और संपत्ति को बाढ़ के दौरान गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए DDMA एक्ट-2005 की धारा 34 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। नोटिस में सभी निवासियों को आदेश दिया गया है कि वे 15 दिनों के भीतर झुग्गियां खाली कर दें। तय समय के बाद बिना किसी सूचना के बुलडोजर से निर्माण हटाया जाएगा।
‘ओ जोन में एरिया, नही कर सकते अतिक्रमण’: सरकार का पक्ष
यमुना बाजार में 310 झुग्गियों को हटाए जाने को लेकर जारी हुए नोटिस पर सरकार ने कहा कि ओ जोन में अतिक्रमण/कब्जा नहीं किया जा सकता। यमुना बाजार घाट क्षेत्र में कुल 32 घाट है, जिन पर अतिक्रमण करके 310 मकान बनाए गए है। यह जमीन डीडीए की है और यहा निर्माण पूरी तरह से प्रतिबधित है। सरकार के मुताबिक यमुना बाजर की चारदीवारी के अंदर यमुना नदी के किनारे स्थित यमुना बाजार के घाटों के बाढ़-मैदान वाले क्षेत्र ‘ओ जोन’ के अंतर्गत आते है।
एनजीटी ने डीडीए को निर्देश दिया है कि वह यमुना के बाढ़-मैदानो में किए गए ऐसे सभी अतिक्रमणों को हटाए। इसी आदेश के तहत पिछले कुछ वर्षों में डीडीए ने कई कार्रवाई की है। सरकार का कहना है कि हर साल यमुना में बाढ़ (विशेषकर 2023 और 2025) के दौरान यह एरिया जलमग्न हो जाता है, जिससे जान माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
‘बिना व्यवस्था किए घर तोड़ने का नोटिस गलत’: कांग्रेस
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि निगम बोध घाट के पास यमुना के किनारे रहने वाले लगभग 310 परिवारों को 15 दिनो के भीतर घरों को खाली करने के लिए सरकार ने नोटिस दिया है। ऐसे में पुरानी दिल्ली की यमुना बाजार कॉलोनी के लोगों को पुनर्वास के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के बिना सड़कों पर फेंक दिए जाने का डर उन्हें सता रहा है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछले एक साल में लाखों लोगे को कोई वैकल्पिक जगह दिए बिना उन्हें झुग्गी बस्तियों को उजाड़ कर बेदखल कर दिया है। विस्थापित गरीब लोग अपने आजीविका कमाने के लिए ही दिल्ली में ही दयनीय हालत में रह रहे है।
इस मामले को लेकर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सासद जेपी अग्रवाल और प्रदेश काग्रेस के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने इलाके का दौरा किया। मुदित ने कहा कि बीजेपी की दिल्ली सरकार से यमुना की गदगी तो साफ नहीं हुई, लेकिन दिल्ली के ऐतिहासिक यमुना घाट, सिविल लाइंस में बसे सैकड़ों परिवारों को साफ करने का फरमान जारी कर दिया गया।

