दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू ‘ग्रैप’ नियमों के तहत यातायात पुलिस ने 8,263 वाहनों की जांच की, जिसमें 1,228 गाड़ियों को वापस लौटाया गया और 37 चालान काटे गए।

लोगों को जागरूर करने के लिए लगाए गए बोर्ड
उन्होंने ये भी कहा कि ग्रैप के तहत प्रतिबंधों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में बोर्ड लगाए गए हैं और पर्चे भी वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया और रेडियो आदि के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है।
1 नवंबर से आज रात 8 बजे तक इतने वाहनों की जांच
अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधों को लेकर पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय बैठक की गई हैं। उनके मुताबिक, दिल्ली यातायात पुलिस ने एक नवंबर देर 12 बजे से दो नवंबर रात आठ बजे तक कुल 8,263 वाहनों की जांच की और इस दौरान 37 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 1,228 वाहनों को वापस लौटा दिया गया।
दो वाहनों को किया गया जब्त
अधिकारी ने बताया कि इसी के साथ दो वाहनों को जब्त भी किया गया। इस बीच दिल्ली की अंतरराज्यीय सीमाओं पर सघन वाहन जांच के कारण शहर को पड़ोसी राज्य हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली सड़कों पर सोमवार को गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
दिल्ली के बॉर्डरों पर लगा भयंकर जाम
दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा, दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-सोनीपत और दिल्ली-नजफगढ़ सीमाओं सहित कई प्रवेश स्थानों पर भारी जाम की सूचना है। नोएडा और गाजियाबाद के पास भी इसी तरह के यातायात जाम की सूचना मिली है, जहां प्रतिबंधों का अनुपालन कराने के लिए जांच के दौरान वाहनों को रोका गया था।
दिशानिर्देशों का किया जा रहा पालन
दिल्ली यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न सीमाओं पर प्रदूषण-नियंत्रण दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा हैं। साथ ही बीएस-छह मानकों से नीचे के वाहनों को वापस भेजा जा रहा है।
BS6 से नीचे की गाड़ियों की एंट्री बैन
शीतकालीन प्रदूषण-नियंत्रण उपायों के तहत प्रतिबंध एक नवंबर को लागू हुए। नई व्यवस्था के तहत, दिल्ली के बाहर पंजीकृत पेट्रोल और डीजल के बीएस-छह मानक से नीचे वाले वाहनों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध है। बीएस छह अनुपालक वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
