SIR: 12 राज्यों में वोटर लिस्ट संशोधन के दौरान 7.20 करोड़ नाम हटाए गए हैं। जबकि 2 करोड़ से ज्यादा नए मतदाता जोड़े गए। अंडमान-निकोबार में सबसे ज्यादा और उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में नाम कटे, जिनकी मुख्य वजह ASDD रही।

इन 12 राज्यों में मतदाताओं के नाम कटने के प्रतिशत के हिसाब से देखा जाए तो सबसे अधिक 16.6 फीसदी वोटरों के नाम अंडमान-निकोबार से कटे, दूसरे नंबर पर 13.2 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश, फिर गुजरात, छत्तीसगढ़ और 5वें नंबर पर पश्चिम बंगाल में वोटरों के नाम कटे।
- 12 राज्यों की वोटर लिस्ट से 7.20 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
- उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल नाम कटने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल हैं।
- अंडमान-निकोबार में सबसे अधिक 16.6 प्रतिशत वोटरों के नाम काटे गए।
- इस प्रक्रिया के दौरान 2 करोड़ से अधिक नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए।
- नाम हटाने का मुख्य कारण मृत्यु, फर्जी कार्ड और पते में बदलाव (ASDD) है।
पश्चिम बंगाल नाम कटने और फॉर्म-7 के उपयोग में सबसे आगे
यहां 10.9 प्रतिशत वोटरों के नाम कटे। सबसे कम 0.3 फीसदी लक्षद्वीप, केरल, राजस्थान, मध्य-प्रदेश और पुडुचेरी में नाम कटे। पश्चिम बंगाल के मामले में चुनाव आयोग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो यहां मृत, डबल वोटर कार्ड, एब्सेंट, शिफ्ट और अन्य (ASDD) वाली लिस्ट में 58.20 लाख से अधिक और फॉर्म नंबर-7 के आधार पर 33 लाख से अधिक वोटरों के नाम काटे गए। जिनकी संख्या इन सभी 12 राज्यों में हुई एसआईआर में सबसे अधिक रही। यानी, इन 12 राज्यों में हुई एसआईआर प्रक्रिया में नाम काटने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म नंबर-7 के तहत सबसे अधिक 33.15 लाख से अधिक नाम पश्चिम बंगाल में कटे।
