दिल्ली पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ‘गुड वर्क’ के नाम पर मदद लेने के बाद पुलिसकर्मियों ने अपने ही मुखबिर/दोस्त अमित नागर पर मकोका का शिकंजा कस दिया। पीड़ित

अय्याशी का अड्डा और महंगे तोहफे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रोहिणी की एक नामी सोसाइटी में करीब 4 साल तक प्रधानी चला चुके अमित नागर का पुलिस महकमे के कई अधिकारियों और स्टाफ के बीच तगड़ा रसूख था। रोहिणी, आउटर नॉर्थ और ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कई पुलिसवालों से अच्छी दोस्ती थी। चर्चा तो यहां तक है कि रोहिणी सोसाइटी स्थित उसके दफ्तर को पुलिसकर्मियों के लिए अय्याशी का अड्डा बना दिया गया था। खाकी की खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती थी। ब्रांडेड मोबाइल फोन, महंगी स्कॉच व्हिस्की और यहां तक कि सोने की चेन तक तोहफे में बांटी जाती थीं। जब भी पुलिस को गुड वर्क दिखाना होता, यही खास दोस्त ‘समाधान’ निकालता था।
पत्नी ने की है शिकायत
पुराने मामलों में वॉन्टेड चल रहे इस आरोपी को पुलिसकर्मियों ने पहले दोस्ती का हवाला देकर फोन करके बुलाया। वादा यह था कि एक मामूली या ‘सिंपल अरेस्ट’ दिखाकर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। लेकिन आला अधिकारियों और केस के बढ़ते दबाव के आगे पुलिसकर्मियों की मजबूरी बन गई। केस में रिकवरी भी दिखानी पड़ी। क्योंकि क्राइम ब्रांच की एक दूसरी टीम ने आरोपी पर मकोका भी लगा दी। जब गिरफ्तारी और रिमांड का खेल शुरू हुआ, तो पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर का डर दिखाकर 10 लाख रुपये की भारी डिमांड रख दी। अमित की पत्नी नीलोफर खान उर्फ सिम्मी ने क्राइम ब्रांच की नॉर्दन रेंज (2) टीम के एसआई रवि राणा और हेड कॉन्स्टेबल योगेंद्र डागर के खिलाफ शिकायत दी।
शिकायत में भी दोस्ती का जिक्र
निलोफर का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने पहले तो दबाव बनाया, फिर ‘अमित हमारा दोस्त है’ का हवाला देकर मामला 5 लाख रुपये में तय किया। यह रकम ढाई-ढाई लाख रुपये की दो किश्तों में क्राइम ब्रांच दफ्तर और रोहिणी के एक होटल के पास दी गई। हद तो तब हो गई जब अस्पताल में मासूम बच्ची के इलाज के दौरान भी वसूली के लिए पुलिसकर्मी पहुंच गए। निलोफर ने दिल्ली के उपराज्यपाल (LG), पुलिस कमिश्नर और डीसीपी स्तर तक सीधी शिकायत भेज दी। खाकी और अपराधियों के इस गठजोड़, ‘गुड वर्क’ के फर्जीवाड़े और अब वसूली के आरोपों ने दिल्ली पुलिस के कई रसूखदार चेहरों की नींद उड़ा दी है। मामले की अंदरूनी जांच शुरू होते ही महकमे में खलबली मच गई है।
‘CCTV सुरक्षित करवाएंगे’
इस पूरे मामले पर नागर के एडवोकेट संजय शर्मा का कहना है कि वह सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखवाने के लिए कोर्ट जाएंगे। वह क्राइम ब्रांच के ऑफिस, ऑफिस के सामने बैंक, जहां बच्ची का इलाज हो रहा था, उस हॉस्पिटल, क्राउन प्लाजा होटल के साथ में बनी पार्किंग और जहां नागर को मेडिकल करवाने ले जाया गया था, उस अस्पताल तक की फुटेज भी सुरक्षित रखे जाने की अपील करेंगे। साथ ही वह आरोपी पुलिसवालों का आईपीडीआर, जीपीआरएस डेटा निकलवाएंगे। क्योंकि आरोपी सारी बातचीत वॉट्सऐप कॉल पर ही कर रहे थे।
