दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन के बाद अब पिंक लाइन पर भी कोच में भीड़ की रियल टाइम जानकारी देने वाला ‘लोड सेंसर’ सिस्टम शुरू कर दिया गया है।

मामले में क्या बोला DMRC
DMRC के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने बताया कि मेट्रो की मजेंटा लाइन पर सफलतापूर्वक इस सिस्टम को लागू करने के बाद अब पिंक लाइन पर भी प्रत्येक कोच में यात्रियों की संख्या और भीड़ का रियल टाइम स्टेटस दिखाने की सुविधा शुरू कर दी गई है।
प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने से पहले चलेगा पता
प्लेटफॉर्म पर लगे पैसेंजर इन्फर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम की स्क्रीन पर ट्रेन के आने से कुछ समय पहले ही सभी कोच में भीड़ का स्तर दिखाई देगा कि कौन सा कितने प्रतिशत भरा हुआ है। यात्री अपनी सुविधा अनुसार कम भीड़ वाले कोच में चढ़ सकेंगे।
सेंसर से पता चलेगा कोच में कितनी भीड़
इस सिस्टम को शुरू करने के लिए मेट्रो के प्रत्येक कोच में लोड सेंसर लगाए गए है, जो कोच के मौजूदा वजन को मापते हैं। फिर उसकी तुलना खाली कोच के वजन से करते है। इस डेटा के आधार पर हर कोच में यात्रियों की अनुमानित संख्या और भीड़ का प्रतिशत निकाला जाता है। स्क्रीन पर कोच को C1, C2, C3, C4, C5 और C6 के नाम से दिखाया जाता है। हालांकि, पिंक लाइन के सर्कुलर कॉरिडोर होने के कारण इस पर यह सुविधा शुरू करने के लिए डेटा को आपस में जोड़ना काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सटीक आकलन के साथ अब इस लाइन पर भी यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
पीक आवर्स में यात्रियों को होगा फायदा
इसके शुरू होने से सुबह-शाम के पीक आवर्स में यात्री प्लैटफॉर्म पर पहले से ही कम भीड़ वाले कोच के सामने खड़े हो सकेंगे। ट्रेन आने के बाद जगह तलाशने के लिए पूरे प्लैटफॉर्म पर चलने या ट्रेन में चढ़ने के बाद कोच बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
