Sign In

Delhi News Daily

  • Home
  • Fashion
  • Business
  • World News
  • Technology
  • Sports
  • Politics
  • Lifestyle
  • Entertainment
Reading: प्रयागराज की पावन धरा से पुण्य प्रयास: राष्ट्र रक्षा और विश्व शांति के लिए सवा लाख तंडुल शिवलिंग महायज्ञ
Share

Delhi News Daily

Font ResizerAa
Search
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Delhi News Daily > Blog > Lifestyle > प्रयागराज की पावन धरा से पुण्य प्रयास: राष्ट्र रक्षा और विश्व शांति के लिए सवा लाख तंडुल शिवलिंग महायज्ञ
Lifestyle

प्रयागराज की पावन धरा से पुण्य प्रयास: राष्ट्र रक्षा और विश्व शांति के लिए सवा लाख तंडुल शिवलिंग महायज्ञ

delhinewsdaily
Last updated: June 4, 2026 12:01 pm
delhinewsdaily
Share
SHARE

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी संगम की अलौकिक भूमि एक बार फिर एक युगांतरकारी आध्यात्मिक क्रांति की गवाह बनने जा रही है। आगामी 11 जून 2026, बुधवार को प्रयागराज के प्रतिष्ठित तपोवन आश्रम (झूंसी) में एक ऐसा अभूतपूर्व और विराट आध्यात्मिक समागम होने जा रहा है, जिसकी गूंज न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में सुनाई देगी। पूज्य आचार्य हरि कृष्ण शुक्ल गुरुजी के दिव्य सान्निध्य में यहां “सवा लाख तण्डुल शिवलिंग महायज्ञ” का महाआयोजन किया जा रहा है।

“जब जुड़ेंगे आस्था के हाथ, तो जागेगी राष्ट्र चेतना और झुकेगा हर संकट”
यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान या परंपरागत कर्मकांड नहीं है, बल्कि वर्तमान वैश्विक संकटों के बीच भारत की रक्षा, सनातन शक्ति के प्रकटीकरण, राष्ट्र कल्याण, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और वैश्विक शांति की बहाली का एक महाअभियान है। प्रयागराज के इतिहास में पहली बार हो रहा यह आयोजन इस बात का शंखनाद है कि जब-जब मानवता संकट में होगी, सनातन संस्कृति अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से लोक-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

वैश्विक अशांति और खगोलीय संकट के बीच ‘महाकाल’ की शरण
मौजूदा समय में पूरी दुनिया जिस दौर से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। इस समय ब्रह्मांड में तीन-तीन महीनों के लिए ‘कालसर्प योग’ का साया मंडरा रहा है। वैश्विक क्षितिज पर नजर डालें तो हर तरफ हिंसा, अहंकार, अशांति, आपसी खिंचाव और असमय मौतों का तांडव दिख रहा है। भारत भी इन विसंगतियों से अछूता नहीं है। समाज से संवेदनशीलता कम हो रही है, महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, और प्रकृति भी 48 डिग्री सेल्सियस जैसी भीषण गर्मी, जानलेवा एक्सीडेंट्स और आपदाओं के रूप में अपना रौद्र रूप दिखा रही है। पूज्य आचार्य हरि कृष्ण शुक्ल गुरुजी कहते हैं कि “जब भौतिक प्रयास विफल होने लगते हैं, तब आध्यात्मिक चेतना ही संसार को त्राहिमाम से बचाती है। प्रयागराज की यह पवित्र भूमि अनादि काल से यज्ञों की भूमि रही है। सरस्वती के इसी पावन तट पर स्थित तपोवन आश्रम से हम महादेव की आराधना कर संपूर्ण विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने जा रहे हैं।”

अक्षत (तण्डुल) शिवलिंग: पूर्णता और अखंडता का प्रतीक
महायज्ञ के प्रणेता आचार्य हरि कृष्ण शुक्ल जी के अनुसार, तण्डुल (अक्षत) सनातन परंपरा में पूर्णता और क्षय न होने वाली ऊर्जा का प्रतीक है। इस महायज्ञ में 101 प्रकांड वैदिक विद्वानों के साथ-साथ आम जनमानस की सीधी भागीदारी होगी। सभी के सामूहिक सहयोग से एक लाख से अधिक तण्डुल (चावल) के शिवलिंगों का हस्त-निर्माण किया जाएगा। इसके बाद वेदोक्त रीति-रिवाज, दिव्य मंत्रोच्चार और भव्य रुद्राभिषेक के जरिए महादेव को प्रसन्न किया जाएगा। साथ ही राष्ट्र की अखंडता, सीमाओं की सुरक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के सामूहिक संकल्प के अलावा आधुनिकता की दौड़ में खो रही नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली जड़ों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।

इस महाआयोजन के समापन पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का भी प्रबंध किया गया है।
यह आयोजन केवल आध्यात्मिक कर्म नहीं, बल्कि देश में ‘राष्ट्र चेतना’ का संचार करने के लिए किया जा रहा है। जब देश का नागरिक अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूत होगा, तभी एक सशक्त और अखंड राष्ट्र का निर्माण संभव है। 11 जून 2026 को झूंसी का तपोवन आश्रम आस्था, राष्ट्रभक्ति और अध्यात्म के एक ऐसे अनूठे संगम का केंद्र बनने जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज साबित होगा। यदि आप भी इस ऐतिहासिक और कल्याणकारी महायज्ञ के साक्षी बनना चाहते हैं, तो प्रयागराज के इस पावन तट पर आपका स्वागत है।

Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article Business Standard Reliance explores cash deployment options ahead of possible RBI rate hike – Delhi News Daily
Next Article The magnetic wall that could replace drilling: A 29-year-old’s breakthrough invention – Delhi News Daily
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Salim Khan makes a RARE public appearance with Salma Khan at granddaughter Sipaara’s first birthday; Salman Khan, Sohail Khan and Arpita Khan Sharma join the celebration – Delhi News Daily
  • India vs Uruguay: Khalid Jamil on learnings from Brazil loss and challenge ahead – Delhi News Daily
  • Harish Salve EXCLUSIVE On CEC Row | “Plot To Break Bharat” | The Hard Facts With Rahul Shivshankar – Delhi News Daily
  • Oppo F35 Pro 5G First Impressions – Delhi News Daily
  • Wild blacktip sharks can hear sounds from nearly 250 feet away and pinpoint where they come from; Florida experiments reveal how the predators locate sound underwater – Delhi News Daily

Recent Comments

No comments to show.

You Might Also Like

Lifestyle

महासंघ का फैसला दशहरा पर्व 20 अक्तूबर को मनाया जायेगा: ‘रामलीला कमेटियों को निःशुल्क बिजली दी जाये’

राजधानी की समस्त रामलीला कमेटियों की संस्था श्री रामलीला महासंघ की एक विशेष बैठक कांस्ट्टीयूशन क्लब नई दिल्ली में महासंघ…

3 Min Read
Lifestyle

रजनीश डॉलर बाबा को महंत पद का दायित्व सौंपा गया

नर्मदा नदी के पावन तट पर पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के भ्रमणशील मंडल एवं सत पंच परमेश्वर के सान्निध्य में…

1 Min Read
Lifestyle

‘एक पन्ने से शुरू हुआ सफर, आज बना जनआवाज़ : युवा पत्रकार निर्भीक बनें’ — किरण चोपड़ा

पंजाब केसरी की निदेशक किरण चोपड़ा ने युवा पत्रकारों को निर्भीक होकर पत्रकारिता करने और हमेशा सच्चाई का साथ निभाने…

2 Min Read
Lifestyle

पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शर्मा की पहली पुण्यतिथि पर जगह-जगह भंडारे

पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार एवं मातृ श्री मीडिया अवॉर्ड समिति के संस्थापक स्वर्गीय दिनेश शर्मा के निधन को एक…

2 Min Read

Delhi News Daily

© Delhi News Daily Network.

Incognito Web Technologies

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?